ট্রেনের স্টাফ আর আমি একা-ট্রেনে চুদাচুদি
থেকে: প্রতিভা শর্মা-ট্রেনে চুদাচুদি হ্যালো বন্ধুরা, আমার আগের গল্পে আপনারা আমার স্বামীর পাঁচ বন্ধুর সাথে আমার সেক্সের গল্প দেখেছেন। আমি আপনার পাঠকদের কাছ থেকে অনেক মেইল পেয়েছি।…
ट्रेन का स्टाफ और मैं अकेली-hindi panu story
प्रेषिका : प्रतिभा शर्मा हेल्लो दोस्तों मेरी पिछली कहानी मैं आपने मेरे पति के पाँच दोस्तों के साथ मेरी चुदाई का किस्सा देखा. आप सभी पाठकों के ढेर सारे मेल मुझे मिले. मुझे खुशी है की आपको मेरी स्टोरी इतनी पसंद आई. आप सभी को बहुत बहुत धन्यवाद. आज में आपको एक और जोरदार चुदाई का किस्सा सुनाने जा रही हूँ पहले की तरह ये भी मेरी निजी लाइफ का एक किस्सा है. ये बात लगभग १ साल पहले की है. हमारे रिश्तेदारी में किसी की डेथ हो गई थी. मेरे पति अपने काम धंधों में व्यस्त थे इसलिए मुझे ही वहां जाना पड़ा. ट्रेन का सफर था और मुझे अकेले ही जाना था इसलिए मेरे पति ने प्रथम श्रेणी एसी में मेरे लिए रिज़र्वेशन करवा दिया था. रात को दस बजे की ट्रेन थी. मुझे मेरे पति स्टेशन तक छोड़ने के लिए आए और मुझे मेरे कूपे में बिठा कर टिकेट चेकर से मिलने चले गए. मेरा कूपा केवल दो सीटों वाला था. अभी तक दूसरी सीट पर कोई भी पेसेंजेर नहीं आया था. मैंने अपने सामान सेट किया और अपने पति की इंतज़ार करने लगी. थोडी ही देर में मेरे पति वापस आ गए. उनके साथ ब्लैक कोट में एक आदमी भी आया था. वो टिकेट चेकर था. उसके उम्र करीब छब्बीस साल की थी, रंग गोरा और करीब पौने छह फीट लंबा हेंडसम नवयुवक लग रहा था. मेरे पति ने उससे मेरा परिचय करवाया. वो आदमी केवल देखने में ही हेंडसम नहीं था बल्कि बातचीत करने में भी शरीफ लग रहा था. उसने मुझसे कहा ” चिंता मत कीजिये मैडम मैं इसी कोच में हूँ कोई भी परेशानी हो तो मुझे बता दीजियेगा मैं हाज़िर हो जाऊंगा. आपके साथ वाली बर्थ खाली है अगर कोई पेसेंजर आया भी तो कोई महिला ही आएगी इसलिए आप निश्चिंत हो कर सो सकती हैं.” उसकी बातों से मुझे और मेरे साथ साथ मेरे पति को भी तसल्ली हो गई. ट्रेन चलने वाली थे इसलिए मेरे पति ट्रेन से नीचे उतर गए. उसी समय ट्रेन चल दी. मैंने अपने पति को खिड़की में से बाय किया और फिर अपने सीट पर आराम से बैठ गई. दोस्तों मुझे आज अपने पति से दूर जाने में बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा था. इसका कारण ये था कि मेरी माहवारी ख़तम हुए अभी एक ही दिन बीता था और जैसा कि आप सब लोग जानते हैं ऐसे दिनों में चूत की प्यास कितनी बढ़ जाती है. मैं अपने पति से जी भर कर चुदवाना चाहती थी लेकिन अचानक मुझे बाहर जाना पड़ रहा था. इसी कारण से मैं मन ही मन दुखी थी. तभी कूपे में वो हेंडसम टीटी आ गया. उसने कहा “मैडम आप गेट बंद कर लीजिये मैं कुछ देर में आता हूँ तब आपका टिकेट चेक कर लूँगा.” उसके जाने के बाद मैंने सोचा की चलो कपड़े बदल लेती हूँ. क्योंकि रात भर का सफर था और मुझे साड़ी में नींद नहीं आती. ये सोच कर मैंने गाउन निकालने के लिए अपना सूटकेस खोला तो सर पकड़ लिया. क्योंकि मैं जल्दबाजी में गाउन के ऊपर वाला नेट का पीस तो ले आई थी लेकिन अन्दर पहनने वाला हिस्सा घर पर ही रह गया था. जो हिस्सा मैं लाई थी वो पूरा जालीदार था जिसमें से सब कुछ दीखता था. करीब दो मिनट बैठने के बाद मेरी अन्तर्वासना ने मुझे एक नया निर्णय लेने के लिए विवश कर दिया. मैंने सोचा कि क्यों आज इस हेंडसम नौजवान से चुदाई का मज़ा लिया जाए. ये बात दिमाग में आते ही मैंने वो जालीदार कवर निकाल लिया और ज़ल्दी से अपनी साड़ी, ब्लाउज और पेटीकोट निकाल दिए. अब मेरे बदन पर रेड कलर की पेंटी और ब्रा थी. उसके ऊपर मैंने सफ़ेद रंग का जालीदार गाउन पहन लिया. वैसे उसको पहनने का कोई फायदा नहीं था क्योंकि उसमे से सब कुछ साफ़ नज़र आ रहा था और उससे ज्यादा मज़ेदार बात ये थी कि अन्दर पहनी हुई ब्रा और पेंटी भी जालीदार थी. इसलिए बाहर से ही मेरे चूचुक तक नज़र आ रहे थे. ख़ुद को आईने में देखकर मैं ख़ुद ही गरम हो गई. सारी तैयारी करने के बाद मैं अपनी सीट पर लेट गई और मैगज़ीन पढ़ते हुए टीटी का इंतजार करने लगी. मुझे इंतज़ार करते करते पाँच मिनट बीत गए तो मैंने सोचा कि क्यूँ न पहले खाना खाकर फ्री हो लूँ ये सोच कर मैंने अपना खाना निकाल लिया जो मैं घर से साथ लाई थी. खाना शुरू करते हुए मैंने सोचा कि खाने के बीच मैं टीटी टिकेट चेक करने आ गया तो बीच में उठ कर टिकेट निकालना पड़ेगा ये सोच कर मैंने अपने पर्स में रखा टिकेट निकाल लिया. टिकेट हाथ में आते ही मेरी आँखों के सामने उस टीटी का जवान बदन घूम गया और मेरे अन्दर की सेक्सी औरत ने अपना काम करना शुरू कर दिया. मैंने पहले ही जालीदार कपड़े पहने थे जिसमे से मेरा पूरा बदन दिखाई पड़ रहा था और फिर मैंने अपना टिकेट भी अपने बड़े बड़े बूब्स के अन्दर ब्रा के बीच मैं डाल लिया. अब वोह टिकेट दूर से ही मेरे लेफ्ट ब्रेस्ट के निप्पल के पास दिखाई दे रहा था. पूरी तैयारी के बाद मैं खाना खाने लगी. तभी मेरे कूपे का गेट खुला और टीटी अन्दर आ गया. अन्दर आते ही मुझे पारदर्शी कपडों में देखकर बेचारे को पसीना आ गया. वह बिल्कुल सकपका गया और इधर उधर देखने लगा. मैंने उसका होंसला बढ़ाने के लिए उसकी तरफ़ मुस्कुरा कर देखा और कहा “आईये टीटी साहब बैठिये, खाना लेंगे आप ?” मेरी बात सुनते ही वह बोला “न.न. नहीं मैडम आप लीजिये मैं तो बस आपका टिकेट टिक करने आया था. कोई बात नहीं मैं कुछ देर बाद आ जाऊंगा आप आराम से खा लीजिये.” मैंने उसे सामने वाली सीट पर बैठने का इशारा करते हुए कहा “नहीं नहीं!! आप बैठो ना, मैं अभी आप को टिकेट दिखाती हूँ.” यह कह कर मैंने अपना खाने का डिब्बा नीचे रख दिया और टिकेट ढूँढने का नाटक करने लगी. ये सब करते हुए मैं बार बार नीचे झुक रही थी ताकि वो मेरी छातियाँ जी भर के देख ले. दोस्तों अब ये बताने की ज़रूरत तो शायद नहीं है की मेरे बड़े बड़े बूब्स किसी को भी अपना दीवाना बना सकते हैं. मेरे फिगर से तो आप लोग परिचित हैं ही. ये सारी हरकतें करते हुए मैं ये इंतज़ार कर रही थी की वो ख़ुद मेरे लेफ्ट बोब्बे मैं रखे हुए टिकेट को देख ले और हुआ भी ऐसा ही उसने मेरे बूब्स की और इशारा करते हुए कहा ” मैडम लगता है आपने टिकेट अपने ब्लाउज में रख लिया है.” मैंने अनजान बनते हुए अपने गले की तरफ़ देखा और हँसते हुए कहा ” कहाँ यार…मैंने ब्लाउज पहना ही कहाँ है ये तो ब्रा में रखा हुआ है.” बोलते बोलते मैंने अपने खाना लगे हुए हाथों से उसको निकालने की नाकाम कोशिश की और इधर उधर से ऊँगली डाल कर टिकेट पकड़ने की कोशिश करते हुए उसे अपने बूब्स के दर्शन करवाती रही. जब मेरी ऊँगली से टकरा कर टिकेट और अन्दर घुस गया तो मैंने मुस्कुराते हुए उससे कहा “सॉरी..यार अब तो आप को ही मेहनत करनी होगी.” मेरी बात सुनते ही वो उठकर मेरे पास आ गया और मेरे गाउन में हाथ डालता हुआ बोला “क्यों नहीं मैडम मैं ख़ुद निकाल लूँगा!!” ये बात कहते हुए वो बड़ी अदा से मुस्कुरा उठा था. उसने डरते डरते मेरे गाउन के अन्दर हाथ डाला और टिकेट पकड़ कर बाहर खीचने की कोशिश करने लगा. लेकिन टिकेट भी मेरा पूरा साथ दे रहा था. वो टिकेट उसकी ऊँगली से टकरा कर बिल्कुल मेरे निप्पल के ऊपर आ गया जिसे अब ब्रा में हाथ डाल कर ही निकाला जा सकता था. वो बेचारा मेरी ब्रा में हाथ डालने में डर रहा था इसलिए मैंने उसको इशारा किया और बोली “हाँ.हाँ..आप ब्रा के अन्दर हाथ डाल कर निकाल लो न प्लीज़ !!” मेरी बात सुनते ही उसके होंसले बुलंद हो गए और उसने अपना पूरा हाथ मेरी ब्रा के अन्दर घुसा दिया. हाथ अन्दर डालते ही उसको टिकेट तो मिल गया लेकिन साथ में वो भी मिल गया जिसके लिए नौजवान पागल हो जाया करते हैं. मेरी एक चूची उसके हाथ में आते ही वो बदमाश हो गया और उसने मेरी चूची को अपने हाथ से सहलाना और मसलना शुरू कर किया. मैं तो यही चाहती थी इसलिए मैं उसकी तरफ़ देख कर मुस्कुराने लगी. मुझे मुस्कुराता देख कर वो खुश हो गया और ज़ोर ज़ोर से मेरी चूची दबा डाली. उसके बाद उसने टिकेट निकाल कर चेक किया और मेरी तरफ़ आँख मारते हुए बोला “आप खाना खा लीजिये..मैं बाकी सवारियों को चेक कर के अभी आता हूँ.” मैंने भी उसको खुला निमंत्रण देते हुए कहा “ज़ल्दी आना..!!” वो मुस्कुराता हुआ ज़ल्दी से बाहर निकल गया. मैंने भी ज़ल्दी ज़ल्दी अपना खाना खाया और बड़ी बेसब्री से उसका इंतज़ार करने लगी. जितनी ज़ल्दी मुझे थी उतनी ही उसे भी थी इसीलिए वो भी पाँच-सात मिनट में ही वापस आ गया. अन्दर आते ही उसने कूप अन्दर से लाक कर लिया और मेरे करीब आ कर मुझे अपनी सुडौल बाँहों में भरता हुआ बोला “आओ..मैडम..आज आपको फर्स्ट एसी का पूरा मज़ा दिलवाऊंगा”. मैंने भी उसकी गर्दन में हाथ डालते हुए उसके होठों पर अपने होठ रख दिए. अगले ही पल वो मेरे नीचे वाला होंठ चूस रहा था और मैं उसके ऊपर वाले होंठ को चूसने लगी. इस चूमा चाटी से वासना की आग भड़क उठी थी और ना जाने कब मेरी जीभ उसके मुंह में चली गई और वो मेरी जीभ को बड़े प्यार से चूसने लगा. उसके हाथ भी अब हरकत करने लगे थे और उसका दायाँ हाथ मेरी बायीं चूची को दबा रहा था. मुझे मज़ा आने लगा था और वो टी टी भी मस्त हो गया था. करीब दो-तीन मिनट की किस्सिंग के बाद वो अलग हुआ और लगभग गिड़गिड़ाते हुए बोला “मैडम, एक प्रॉब्लम है !” मैंने पूछा “क्यूँ क्या हुआ ?” “मैडम मेरे साथ मेरा एक साथी और है इसी कोच में, अगर मैं उसको ज्यादा देर दिखाई नहीं दूँगा तो वो मुझे ढूँढता हुआ यहाँ आ जाएगा.” वो बोला। “अगर आप इजाज़त दें तो क्या उसको भी बुला….”. उसके बात सुनते ही मेरी खुशी ये सोचकर दोगुनी हो गई चलो आज बहुत दिनों बाद एक साथ दो लंड मिलने वाले हैं. इसलिए मैंने तुंरत जवाब दिया ” हाँ. हाँ.. बुला लो उसको भी लेकिन ध्यान रखना किसी और को पता नहीं चलना चाहिए. जाओ जल्दी से बुला लाओ.”…
স্ত্রীর শরীরসুধা – চরম পরকিয়া ৩য় পর্ব – Bangla Choti Golpo
রবির কোলে আমি । পুরো এলিয়ে । ঠিক ফুলশয্যার বৌএর মত । আমি জানি পুরুষেরা একটু লাজুক মেয়ে পছন্দ করে যাতে ওদের উত্তেজনা আরো বেড়ে যায় ।…
new sex story khanki আখির খানকি মা কচি ছেলের বাড়া খায়
new sex story khanki মেয়েদের গুদেই যেন জগতের সকল সুখ খুজে পায় সঞ্জিব। একটা মেকে নিয়ে বেশি দিন আনন্দ ফুর্তি করার অভ্যাস নেই ছেলেটির। ওর বাড়াটা নতুন…
নাদুস নুদুস নরম তুলতুলে ভাবির শরীর
আমি কলেজে এইচ এস সি পড়ার সময় এই ঘটনাটা ঘটেছিল। আমি কলেজ হোস্টেলে থাকতাম। হোস্টেলটা ছিল একতলা বিল্ডিং। আমি সেকেন্ড ইয়ারে উঠার পর হঠাৎ করেই কলেজ কর্তৃপক্ষ…
bon choti golpo ছোট বোনের ঠোটে চুমু গুদে বাড়া ঠাপ চলছে
bon choti golpo আপন মায়ের পেটের ভাই বোনের মাঝেও যে যৌন সম্পর্ক হতে পারে এ তো আর আপনাদের অজানা নয়। তবে বেশীর ভাগ ক্ষেত্রেই এ সম্পর্ক হয়…
bangla chot বন্ধুর বউয়ের সতীত্ব হরণ – 3
bangla chot. আজ শুক্রবার। হোলির পর্ব শুরু হয়েছে পাড়ায়। সকলে একে অপরকে রঙ লাগাতে ব্যস্ত। তপনের বাড়িতেও প্রস্তুতি চলছে। কারণ আজ মালিক আসবে তার বাড়ি হোলি খেলতে…
চোদনবাজ দেবর খানকি ভাবীর চোদাচুদির গল্প
আমার চোদনবাজ দেবর আমাকে এবার তুমি চোদা শুরু কর। আমি ভাবীকে উপুর করে আমার ধন ভাবীর ভোদায় ঢুকিয়ে ঠাপাতে থাকলাম। খানকি ভাবীর চোদাচুদির গল্প ভাবী মৃদু চিৎকার…
kolkata panu story মুসলিম পতিতা আম্মুকে দিয়ে দেহ ব্যবসা ছেলের
kolkata panu story আমার নাম জাহিদ।আমাদের পরিবারে আমি বাবা আর আমার মা আমার মা আছমা বেগম এই তিনজনের সংসার।নাম শুনেই বুঝতে পারছেন আমাদের পরিবারটি মুসলিম পরিবার। আমরা…
শ্বশুর বউমা সেক্স গল্প-শাশুড়ির ভোদায় জামাইর ধোন ঢুকিয়ে পক পক
কোন সুজোগ না দিয়েই তোফিক ঠোঁটে ঠোঁট লাগিয়ে চুসতে লাগলো দুধ দুইটা ইচ্ছামতো টিপতে লাগলো ওদিকে শুধু উঃহ উঃহু শব্দ হতে লাগলো ৭ ইঞ্চি ধোন পুরাটা গুদের…
khala ke chodar golpo-খালা বলল না সোনা বের করিস না
আমার নাম ফাহিম ,বয়স ২৬ .খালার নাম মমতা ,বয়স ৪৮ .আজ বন্ধুরা আমি তোমাদের যে গলপটা সোনাব সেটা হচ্ছে আমার sexy খালা মমতা কে নিয়ে . khala…
চোদনখোর মামীকে চুদতে চুদতে জীবনে আর বিয়ে করা হলো না
বয়স তাঁর এখন ৪৮ কিন্তু যৌবন লাবন্য এখনো রয়ে গেছে অনেকটা।কিন্তু নানান টেনশানে শরীরটা খারাপ থাকে প্রায়ই। সেদিন বাসায় গিয়ে কথা বলছিলাম এটা সেটা, হঠাৎ উনি বললেন…
কাজের মেয়েকে চুদে চুদে দুধ বড় ভোদা লুজ করে দিয়েছি
কাজের মেয়েকে চুদেদিলাম কনকনে শীত,কম্বল ছেড়ে ওঠতেই মন চায় না। টিনের চালের উপর টপটপ শব্দ, মনে হল শিতের সময় বর্ষার আভাস। হঠাৎ আমাদের কাজের মেয়ে সেলিনা ঘরে…
vaibi choti golpo ভাবির পুসি চুদে পুষিয়ে দিব
শুয়ে শুয়ে ভাবছি, ২৪ বছর পর্যন্ত কিছুই করলাম না এখন অনেক মেয়ে আমাকে পাবার জন্য পাগল. কি এমন বদলালো? vaibi choti golpo নাকি আগেই পাগল ছিল আমি…